आखिर क्यों एक गुंडे की पैरवी कर रही हैं दिव्या मदेरणा ।
भीलवाड़ा में पुलिस द्वारा एक हिस्ट्रीशीटर से पुलिस ने जरा सी सख्ती क्या बरती .... कहीं न कहीं इन्हें संरक्षण देने वाली ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मैडम को कानून याद आ गया और मामले में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के लिए IG से मिलने का कह रही हैं ...
जबकि सूत्रों के अनुसार जिस व्यक्ति सुरेश के साथ ऐसा सुलूक किया गया वह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि आदतन अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है और उस सुरेश गुर्जर के खिलाफ ब्यावर थाने में 3,विजयनगर थाने में करीब 15 और भीलवाड़ा थाने में 307 के करीब 3-4 मामले दर्ज हैं और हरियाणा पुलिस पर गोली चलाने के भी आरोप हैं तो *जाहिर है ऐसे गुंडे से निपटने के लिए शराफत से तो पेश नहीं आया जा सकता....!*
मैडम ने यह नहीं कहा कि राह चलती महिलाओं से छेड़खानी, आमजन से मारपीट या गोली चलाने वाले और मानवाधिकार का हनन करने वाले ऐसे गुंडों के सरगना से भी मिलकर उन्हें अपराध न करने के लिए कहूँगी ताकि *आमजन को इनसे किसी भी तरह की परेशानी न हो ।*
मानते हैं ऐसा सुलूक पुलिस द्वारा नहीं किया जाना चाहिए लेकिन गुंडों द्वारा अपराध करना भी तो संविधान में नहीं लिखा है ....!!
ऐसे नेताओं को नहीं पता जब नामी गुंडों या अपराधियों के साथ ऐसी सख्त कार्रवाई होती हैं तो आमजन में खुशी होती है और *दिव्या जैसे नेताओं को दर्द होना शुरू हो जाता है ....😡😡 ।*
*एक सलाह*
जब भी ईमानदार पुलिस ऐसे आपराधिक तत्त्वों से निपटे तो *सभी कैमरे बंद करवा दें ताकि आमजन के दर्द की परवाह करना तो दूर वरन गुंडों को संरक्षण देने वाले दिव्या जैसे नेताओं के दर्द न हो सके और पुलिस 'अपराधियों में भय' के स्लोगन को चरितार्थ करती रहे* ।
अपराधियों से उन्हीं की भाषा में बात करना *आज अति आवश्यक है ।*
उम्मीद है आप लोगों में से अधिकतर इससे सहमत होंगे ।
संजय हिंदुस्तानी,
जर्नलिस्ट एंड ब्लॉगर
Rajasthan Police IGP Jaipur Range
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