रेप का झूठा आरोप लगाने पर बरेली कोर्ट का बड़ा फैसला, जितने दिन युवक जेल में रहा, युवती भी रहे और 5 लाख जुर्माना ।
#बरेली । जिला कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने दुष्कर्म का आरोप गलत साबित होने पर युवती को कड़ी सजा सुनाई।
कोर्ट ने युवक को निर्दोष करार देते हुए आरोप लगाने वाली युवती को 1,653 दिन जेल की सजा सुनाई।
युवती के गलत आरोपों से मजदूरी करने वाले युवक को इतने ही दिन जेल में रहना पड़ा।
इसके साथ ही कोर्ट ने युवती को युवक को 5,88,822 रु. हर्जाना देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा, अपने अवैध उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पुलिस और कोर्ट को माध्यम बनाना घोर आपत्तिजनक है।
अनुचित लाभ लेने वाली महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती।
न जाने कितने लोग रेप के झूठे केसेज में फंसकर न केवल जेल में सड़ते हैं बल्कि सामाजिक प्रताड़ना भी झेलते हुए घुट घुटकर मरते हैं।
आरोप लगने पर मीडिया बलात्कारी की तरह ही पेश करता है और बरी होने पर कोई पूछता भी नहीं। केस झूठा साबित होने पर भी उसे कभी पीड़ित नहीं माना जाता।
झूठा आरोप लगाने वाली लड़की/महिला का तो कभी मीडिया में नाम भी नहीं आता, झेलते बेचारे लड़के/पुरुष ही हैं।
बरेल इस तरह के फैसले झूठे केस करवाने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने में मददगार होंगे।
पुलिस भी लड़की/महिला के कहते ही मामला दर्ज न करे ... यह ध्यान रखें लड़का ही नहीं पूरा परिवार खत्म हो जाता है ऐसे झूठे मामलों में ... अक्सर मामलों में होती है डील ..
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