घीलोठ में पॉलिमर फैक्ट्री में छोटी दीवाली की रात लगी आग, 4 स्थानों की फायर ब्रिगेड ने पाया काबू ।
नीमराणा/शाहजहांपुर । घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्क्रेप से प्लास्टिक दाने एवं पीवीसी सामान बनाने वाली कम्पनी एसडी इण्स्ट्रीज मे 30 अक्टूबर की रात करीब ग्यारह बजे शोर्ट सर्किट के चलते आग लग गई । दीपावली अवकाश के चलते मैसेज मे हुई देरी और फैक्ट्री में गार्ड्स न होने के कारण करीब डेढ घण्टे देरी से पहुंची दमकलों ने करीब पांच घण्टे की मेहनत कर आग पर काबू पाया। पीवीसी के चलते कम्पनी लगभग 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी। वर्तमान स्थिति को देखते हुऐ कम्पनी मे करीब 6 से 7 करोड रुपये का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार 30 अक्टूबर को कम्पनी मे रात करीब ग्यारह बजे शोर्ट सर्किट से आग लग गई ।
कम्पनी मे अवकाश के चलते श्रमिकों की कमी होने के कारण आग धीरे धीरे विकराल रुप लेती गई । आग की लपटे उठने पर गार्ड एवं आसपास के लोगों ने पुलिस एवं दमकल को जानकारी दी। हादसे के ठीक डेढ घण्टे बाद रीको क्षेत्र घीलोठ, नीमराना, बहरोड, कोटपूतली की दमकले मौके पर पहुंची एवं आग बुझाने के प्रयास हुऐ लेकिन तब तक काफी विलम्ब हो जाने के कारण कम्पनी लगभग 90 फीसदी तक जल चुकी थी। आग की लपटे इतनी तेज थी की दमकल कर्मियों को आग बुझाने मे काफी परेशानी का सामना करना पडा ।
कम्पनी मालिक हितेश कुमार ने बताया की ये कम्पनी उन्होंने 2021 मे प्रारंभ की थी। कम्पनी उनकी पत्नी मोनीका देवी के नाम पर है।
थाना क्षेत्र की नहीं सुलझी उलझन...
घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र नीमराना, शाहजहांपुर एवं मांढण क्षेत्र मे पडता है। गत दिनों घीलोठ एसोसिएशन एवं उद्योगपतियों की मांग पर घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र को शाहजहांपुर थाने के अन्तर्गत कर दिया गया था लेकिन समस्या आज भी ज्यो की त्यो है।
रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार डाबडवास, नानगवास, चामुण्डा रेवेन्यू की जमीने ( घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र की सीमा) मांढण तहसील मे होने के कारण इन रेवेन्यू क्षेत्रों मे लगे कारखाने आज भी मांढण थाना क्षेत्र मे है। ऐसे मे किसी भी दुर्घटना, हादसा, चोरी, डकैती होने पर शाहजहांपुर एवं मांढण पुलिस सीमा विवाद मे उलझकर रह जाती है। उद्योपति घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र के लिये पृथक से थाना बनाने या सम्पूर्ण औद्योगिक क्षेत्र को किसी एक थानान्तर्गत देने की मांग कर चुके है।
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