"समय अपने हिसाब से चला था, चल रहा और चलेगा .... इसे कोई न रोक पाया था और न ही किसी में हिम्मत है रोकने की ।" - संजय हिंदुस्तानी
अगर आपको लगता है कि "समय आपके हिसाब से नहीं चल रहा"
तो सही है *समय चलेगा भी नहीं* .... बल्कि
"हमें ही समय के हिसाब से चलना पड़ेगा ।"....👍👍
हाँ यदि लगे सब खत्म हो रहा है तो ....
खुद को शांत करें.
थोड़ा समय खुद के साथ बिताएं.
नई शुरुआत करें.
बुरी चीज़ों के बारे में सोचकर निराश न हों
Your life will RE-START like your Mobile 🥰😍
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