देवली उनियारा में SDM को थप्पड़ मामले को पुलिस ने क्यों नहीं लिया गंभीरता से, पकड़ा और फिर क्यों छोड़ दिया ? इतनी गंभीर लापरवाही, क्यों और किसके इशारे पर ?

#दौसा । देवली उनियारा  मीणा ने सार्वजनिक स्थान पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में पुलिस की आंखों के सामने थप्पड़ मारा। पुलिस ने ही एसडीएम को छुड़ाया। और नरेश मीणा को जाने दिया। क्या पुलिस को तत्काल हिरासत में नहीं ले लेना चाहिए था?

पकड़ा और छोड़ दिया , क्यों ?

 फिर, घटना का वीडियो भी था और हर किसी के मोबाइल में था। पुलिस के बड़े से बड़े अफसरों के पास भी पहुंचा ही होगा। क्या नीचे से ऊपर तक के पुलिस अफसरों को नहीं लगा कि नरेश को उसी वक्त गिरफ्तार कर लेना चाहिए था?

 फिर शाम से पहले ही आरएएस एसोसिएशन समेत दूसरे अधिकारी संगठनों ने भी गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कल पेन डाउन हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। तब भी पुलिस को नहीं लगा कि अब गिरफ्तारी कर लेनी चाहिए ?

 फिर नरेश ने एक और वीडियो जारी कर गैंती फावड़ों सहित लोगों से जुटने के आह्वान का वीडियो जारी किया, तब भी पुलिस को नहीं लगा कि अब गिरफ्तार कर लेना चाहिए ?

 
हालात कब बिगड़ें और फिर उन्हें संभालकर अपनी पीठ थपथपाएं, इसका इंतजार क्यों कर रही थी पुलिस ? 

क्या जिले के पुलिस कप्तान के हाथ किसी ने बांध रखे थे या वे खुद किसी "गुप्त" आदेश से बंधे हुए थे? अ


न्यथा यह तो किसी सूरत में संभव ही नहीं है कि एक चुनाव ड्यूटी पर तैनात एसडीएम स्तर के अफसर को ऑन कैमरा थप्पड़ मारने के आरोपी को आराम से जाने दिया जाए। 

एसडीएम तो छोड़िए, चुनाव ड्यूटी कर रहे किसी छोटे कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले को भी इतनी आसानी से नहीं जाने दिया जा सकता।


 
आज जो हालात इस घटनाक्रम से बने हैं, उनकी खटास और खराश लंबे समय तक रहेगी। रात वाले दुर्भाग्यपूर्ण हालात पूरी तरह पुलिस की अदूरदर्शिता और लापरवाही के कारण बने हैं। अनेक युवाओं और अनेक पुलिसवालों ने जो चोटें खाई हैं, वे रोकी जा सकती थी। एक असुरक्षा का ऐसा भयावह माहौल बना, जिससे लोगों का कानून के राज से भरोसा डगमगाया। यह सब कुछ अफसोसजनक तरीके से उस विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां एक अनुभवी पूर्व डीजीपी के विधायकी छोड़ने के कारण उपचुनाव हुए हैं। सरकार और चुनाव आयोग को चाहिए कि वे ऐसे अदूरदर्शी और निर्णय लेने में अक्षम पुलिस के अफसरों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसी लाचार और बेबस पुलिस किस काम की जो लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दे। समय रहते हालात को काबू ही नहीं कर पाए।
@ECISVEEP @RajCMO @BhajanlalBjp @PoliceRajasthan

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