स्कूल बस से उतरते समय बच्चे को मारी पिकअप ने जोरदार टक्कर, मौके पर ही हो गयी LKG क्लास के बच्चे की मौत , जन्मदिन ही बन गया पवन का मरण दिन भी ।
बहरोड़ । कल जिला कलेक्टर के आदेशों के बावजूद बहरोड़ क्षेत्र के स्कूल खुले और स्कूल में पढ़ने वाले 5 साल के पवन गुर्जर की बस से उतरने के दौरान एक पिकअप के टक्कर मारने से मौत हो गई जिसका कल ही पोस्टमार्टम करवाकर शव का दाह संस्कार करवा दिया । नन्हे पवन के परिजन शोक संतृप्त हैं और माता सरवन देवी बोलने की हालत में नहीं है । मौसमपुर सरकारी स्कूल के पास खेत में ही मकान बनाकर रहता है परिवार । शोक सभा में उपस्थित ग्रामीणों में भी अवकाश वाले दिन स्कूल खोलने को लेकर स्कूल संचालकों और प्रशासन को लेकर रोष व्याप्त था ।
मृतक पवन के पिता यादराम खेती बाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं उनके तीन संतान थीं जिसमें अब बड़ा बेटा विकास और 6 साल का सीताराम ही परिवार में बचे हैं और 5 साल का पवन अब दुनिया छोड़कर जा चुका है ।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार इस एक परिवार से चार पांच बच्चे स्कूल में जाते थे और कल सोमवार को जैसे ही पवन बस से उतरा उसी समय तेज गति से आ रही पिकअप ने पवन को टक्कर मार दी और मौके पर ही पवन की मौत हो गई ।
पड़ताल में पाया गया कि अकेले बहरोड़ कस्बे में चल रही अधिकतर स्कूल बसों में कंडक्टर नहीं है जिससे ड्राइवर रोकते हैं और बच्चे अपने आप उतरकर गंतव्य को चले हैं जबकि नियमों के अनुसार हर स्कूल बस में एक ड्राइवर और कंडक्टर होना चाहिए ताकि बच्चों को उतरते समय सावधानी का ध्यान रखा जा सके ।
अधिकतर बसों का फिटनेस नहीं है और कई तो नाकारा हालात के बावजूद भी सड़कों पर सरपट दौड़ रही हैं और क्षमता से दोगुनी मात्रा में बच्चों को लेकर चल रही हैं ।
*जिला कलेक्टर के सख्त आदेशों की भी उड़ा दी स्कूलों ने धज्जियाँ ।*
सबसे बड़ी बात प्रशासन शिक्षा विभाग और जिला कलेक्टर के आदेशों के बावजूद अनेकों बार सरकारी अवकाश वाले दिन भी यह स्कूल लगाकर मानो अपनी ताकत का प्रदर्शन सरकार को और सरकार के नुमाइंदों को दिखाना चाहते हों ।
" मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अलवर एवं जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक कोटपूतली बहरोड के आदेश अनुसार गत 3 माह से बार-बार निजी विद्यालय से बाल वाहिनी की सूचना जिसमें गाड़ी नंबर ,गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, पॉल्यूशन, इंश्योरेंस एवं ड्राइवर कंडक्टर की सूचना मांगी जा रही है जिसमें सिर्फ तीन-चार विद्यालय ने जानकारी दी है निजी विद्यालयों की मनमानी के कारण बाल वाहिनी की सूचना उच्च अधिकारियों को नहीं भेजी जा पा रही जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं इसके निस्तारण हेतु उच्च अधिकारी से मिलकर जानकारी हेतु रूपरेखा बनाकर सूचना मांगी जाएगी और नहीं देने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ।" - राकेश यादव, आरपी, सीबीईओ, बहरोड़
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