राशन योजना - अपात्र परिवार 28 फरवरी तक हटवाएं एनएफएसए सूची से अपना नाम वरना वसूली के साथ नियमानुसार होगी सख्त कार्यवाही, अब तक निष्कासित श्रेणी के 60 परिवारों को नोटिस जारी।

कोटपूतली–बहरोड़ । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना में सम्मिलित अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने के लिए 28 फरवरी तक गिव-अप अभियान संचालित किया जा रहा है। 
 जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा ने बताया की इस अभियान के तहत निष्कासित श्रेणी के परिवार जिला रसद अधिकारी कार्यालय/एस.डी.ओ. कार्यालय या उचित मूल्य दुकान से फॉर्म लेकर अपना नाम खाद्य सुरक्षा से हटवा सकते है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर उचित मूल्य दुकानदारों की मीटिंग ली जाकर इस अभियान का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश प्रदान किये जा रहे है।

उन्होंने बताया की अब तक विराटनगर, पावटा, बानसूर, एवं नारायणपुर उपखण्ड में उचित मूल्य दुकानदारों की मीटिंग लेकर गिव अप अभियान में अपात्रों को जागरूक कर स्वेच्छा से राष्ट्रहित में अपना नाम एनएफएसए सूची से हटाने का आव्हान किया गया है। सभी डीलर्स को भी राज्य सरकार एवं जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड के गिय अप अभियान का व्यापक प्रचार-प्रचार करने के निर्देश दिये गये है। इस अभियान के तहत अब तक जिले में 1187 राशन कार्ड एवं 3000 यूनिट हटाये जा चुके है।

गिव-अप अभियान में निष्कासित श्रेणी के जिन परिवारों द्वारा खाद्य सुरक्षा से नाम नहीं हटाया जायेगा, उनसे 27 रूपये प्रति किग्रा गेंहू की दर से वसूली एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुरूप विधिक कार्यवाही अमल में ली जाएगी। जिला रसद अधिकारी द्वारा अब तक खाद्य सुरक्षा योजना में सम्मिलित निष्कासित श्रेणी के 60 परिवारों को नोटिस जारी किये जा चुके है।

यह है अपात्र

विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने की गाइडलाईन जारी की गई है, जिसके अनुसार ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो, परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर आदि जीवीकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोडकर) और सरकारी/अर्द्ध सरकारी / स्वायत संस्थाओं में कार्यरत कार्मिक अपात्र है।

अब तक कुल 3 हजार हुए स्वेच्छा से एनएफएसए सूची से बाहर

 "जिले में कुल 406 उचित मूल्य दुकानें हैं, जिनमें 58 शहरी क्षेत्र और 348 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं। अब तक जिले की 401 दुकानों पर "गिव अप अभियान" के बैनर लगाए जा चुके हैं और 406 दुकानों पर अभियान के तहत प्रार्थना पत्र रखवाए गए हैं। इसके अलावा, 3 दिसंबर 2024 से 19 फरवरी 2025 तक, इस अभियान के तहत 750 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसके आधार पर 750 राशन कार्ड धारक और 3 हजार स्वेच्छा से इस योजना से बाहर हुए है।" - शशि शेखर शर्मा, जिला रसद अधिकारी, कोटपूतली बहरोड़ 

Comments

Popular posts from this blog

प्यार, जासूसी और धोखा का परिणाम है लव जिहाद, जानिए कैसे फंसी इस जाल में ज्योति मल्होत्रा और उससे पहले IFS ऑफिसर माधुरी गुप्ता...?

बहरोड़ SDM के रीडर को 70 हजार की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार, SDM रामकिशोर मीणा के लिए ली थी राशि।

ऊँटोली के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में नींव करौरी बाबा के मंदिर का मनाया स्थापना दिवस, अर्पण सेवा फाउंडेशन बहरोड द्वारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं व ग्रामवासियों के लिए बैठने के लिए भेंट की 10 सीमेंटेड चेयर।