बिजली विभाग में अधिकारीयों की मिलीभगत से ठेकेदारों के जीएसएस पर कार्यरत हैं अप्रशिक्षित कर्मचारी, नियम और सुरक्षा की धज्जियाँ उड़ाकर कर्मियों की जान से कर रहे खिलवाड़ अधिकारीयों के चहेते ठेकेदार। इन अनट्रेंड कर्मियों की लापरवाही से किसी की जान गयी तों जिम्मेदार कौन ?
बहरोड़ /नीमराणा। मांढण डिवीजनो में जीएसएस (33केवी) पर 1ठेकेदारो द्वारा कार्मिक लगाए हुए है लेकिन बिना प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति लगाने से क्षेत्र मे लगातार बड़े हादसे और ट्रांसफॉर्मर चोरी हो रहे है। पहले भी कई बार हादसे हो चुके है। जीएसएस पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षणशुदा आईटीआई होल्डर युवाओं को ही लगाने का नियम है। इसके बाद भी संबंधित फर्म नियमों का पालन नहीं कर रही है। क्षेत्र में बिना योग्यता के कर्मचारी लगाए हुए है ऐसे में कभी भी हादसे की सम्भावना बनी रहती है। ऐसे में संबंधित फर्म द्वारा अप्रशिक्षित लोगों को लगाकर हादसों को खुलेआम न्योता देने जैसा है।
ठेकेदार को पालन करनी होती हैं यह शर्ते -
किसी भी ठेकेदार द्वारा सब स्टेशन पर कार्मिक लगाए जाने के लिए आईटीआई प्रशिक्षित चार कर्मचारी प्रति पारी में एक कर्मचारी लगाना है जिसे सप्ताह में एक अवकाश देना भी जरूरी है। इसके साथ ही शिफ्ट कर्मचारी के पास निधार्रित परिचय पत्र होगा। ड्यूटी के समय सूचना पट्ट में नाम भी होगा। इसके साथ ही सब स्टेशन पर 11 केवी फीडरों का संचालन सक्षम अधिकारी के निर्देश के अनुसार किया जाएगा ताकि कभी किसी प्रकार की घटना नहीं हो सकें। दुर्घटना के लिए ठेकेदार फर्म पूर्णरूप से उत्तरदायी होगी।
सुरक्षा के लिए तकनीकी कर्मियों को यह उपकरण हैं अत्यंत आवश्यक -
ठेकेदार को सब स्टेशन पर सुरक्षा उपकरण जैसे -जूते ,लकड़ी,फाइबर की सीढ़ी, अर्थिग चेन, रोड, हेलमेट, सुरक्षा दस्ताने, सुरक्षा पेटी, रिचार्ज बल टॉर्च, विद्युत टेस्टर, हथौड़ा, प्राथमिक उपचार किट आदि उपलब्ध कराने जरूरी है। एक स्टेशन पर एक मोबाइल उपलब्ध कराया जाएगा जिसका कार्ड और बिल विभाग देगा।
अक्सर ऐसे होते हैं हादसे -
ठेकेदार के कर्मचारियों को 33/11 केवी फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित करने की सूचना संबंधित फीडर इंजार्च व कनिष्ठ अभियंता व सहायक अभियंता को समय से देनी होती है। कई बार लाइन सही करते समय से सूचना नहीं देकर लाइन चालू करने से भी हादसे हो चुके है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि प्रशिक्षित व इलेक्ट्रशियन में आईटीआई किए युवाओं को सब स्टेशन तैनात किए जाए ताकि उन्हें काम करते समय क्या क्या सावधानी रखनी आदि बातों का ध्यान रहता है। संबंधित ठेकेदार फर्म को सब स्टेशन पर घास व कचरा आदि समय समय पर साफ करवाना है। आग लगने की घटनाएं नहीं हो। लेकिन सब स्टेशन पर कचरा ही साफ नहीं हो रहा है।
ठेकेदार एक जीएसएस पर देता है 15-16 हजार रुपए-
ठेकेदार एक जीएसएस पर 15-16 हजार रुपए देता है तीन कार्मिक है तो 5-5 हजार और दो कार्मिक है तो 7-8 हजार रुपए बांट लेते है योग्यता और अनुभव का कोई मापदंड नही सभी को समान भुगतान मिलता है।
माजरीकलां,गंडाला,डवानी, रिवाली,कायसा,डूमरोली, आईटीआई नीमराणा सहित अनेक 33 केवी जीएसएस पर अधिकारीयों की साथ गाँठ और कमीशनबाजी के चलते अप्रशिक्षित कार्मिक कार्यरत हैं इनके द्वारा भविष्य में किसी भी दुर्घटना से इंतजार नहीं किया जा सकता।
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