जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं जनसुनवाई में बोलीं जिला कलेक्टर, "अधिकारी मौके पर ही करें समस्याओं का निस्तारण, आमजन को नहीं लगाने पड़े कार्यालयों के चक्कर।"
कोटपूतली-बहरोड़ 15 मई। आमजन की परिवेदनाओं और समस्याओं के त्वरित निस्तारण को सुनिश्चित कर उन्हें राहत प्रदान करने के उद्देश्य से त्रि-स्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट भवन के वीसी कक्ष में जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में कुल 54 प्रकरण प्राप्त हुए।
जिला कलक्टर ने प्रकरणों के नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा गर्मी के मौसम के मध्यनजर सभी अधिकारी अपने कार्यालय में छाया, बैठने, पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बनाकर रखें, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।
संवेदनशीलता से सुने अधिकारी आमजन की समस्याएं
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से आमजन के प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ सुनने के निर्देश देते हुए कहा कि यह समय पेयजल, बिजली, चिकित्सा एवं अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं की दृष्टि से संवेदनशील है सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ आपसी समन्वय से आमजन के हितार्थ कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ कार्यालय के कार्यों की मॉनिटरिंग करें व निचले स्तर तक निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में अपने अधीनस्थों के माध्यम से मौके पर ही परिवादियों की समस्या को सुनकर तुरंत समाधान के प्रयास करें.
स्थानीय स्तर पर ही निपटाएं प्रकरण, आमजन को नहीं लगाने पड़े चक्कर
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी आमजन की परिवेदनाओं का प्रभावी रूप से निस्तारण करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी ना हो व बार बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े, स्थानीय स्तर पर ही निराकरण कराकर राहत प्रदान करें तथा बुजुर्ग व महिलाओं के प्रकरणों को प्राथमिकता से लेंवे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगते हुए कहा कि बिना अनुमति के कोई भी जिला स्तरीय अधिकारी अनुपस्थित न रहें। इसी के साथ ही जिला कलक्टर ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई और रात्रि चौपाल को प्राथमिकता से ले. जिला कलेक्टर ने अवैध कार्यों के खिलाफ अधिकारियों को स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए.
धैर्यपूर्वक सुने आमजन की समस्याएं
जिला कलेक्टर ने जनसुनवाई में रास्ता खुलवाने, पट्टा संबंधी प्रकरण, नक्शे में शुद्धिकरण करने, कृषि भूमि पर सीमांकन, पत्थरगढ़ी करने, कब्जा हटवाने, म्यूटेशन, अवैध खनन, पंचायत पुनर्गठन, रास्ता अतिक्रमण, एनएफएसए संबंधी, परिसीमन, पुनर्गठन पर आपत्तियां, विद्युत कनेक्शन करवाने, अवैध अतिक्रमण हटाने, सफाई कराने, पेयजल व सड़क निर्माण कराने सहित अन्य प्राप्त प्रकरणों को आत्मीयता और धैर्यपूर्वक ढंग से सुन कर निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीवादों के निस्तारण की मॉनिटरिंग कर रिपोर्टिंग प्रस्तुत करें.
सतर्कता के प्रकरणों पर हुई चर्चा
बैठक में सतर्कता के प्रकरणों की भी चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सम्पर्क पोर्टल, सीएमओ, पुलिस संबंधी, जनसुनवाई, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा के भीतर किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। कलेक्ट्रेट में आने वाले परिवादियों के लिए छाया, बैठने व पेयजल की उचित व्यवस्था की गई.
जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखण्ड अधिकारी कोटपूतली बृजेश कुमार, डीएसओ शशि शेखर शर्मा, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे।
भौनावास में आयोजित रात्रि चौपाल में सुनी जनसमस्याएं
जिला कलक्टर ने बुधवार को उपखंड पावटा की ग्राम पंचायत भौनावास में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान आमजन की समस्याओं को सुनते हुए समस्याओं के नियमानुसार त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिसे जिला कलक्टर ने धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने और प्रत्येक पात्र को योजना का लाभ दिलवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी कपिल कुमार सहित अन्य जिला एवं उपखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में पहुंचे विद्युत दुर्घटना से पीड़ित भालोजी के अशोक कुमार को 4 लाख 25 हजार की मुआवजा राशि का चेक किया प्रदान
कलेक्ट्रेट में गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान तहसील कोटपूतली के ग्राम भालोजी निवासी अशोक कुमार पुत्र छीतर मीणा जिला कलक्टर के समक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह विद्युत जनित एक दुर्घटना के शिकार हो गए थे, जिससे वे 85 प्रतिशत तक शारीरिक रूप से अपंग हो गए थे। उन्होंने मुआवजा राशि को लेकर अपनी समस्या जिला कलक्टर को बताई।
अशोक कुमार की शिकायत पर जिला कलक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तुरंत संज्ञान लेकर सम्बन्धित अधिकारी से मुआवजा राशि की प्रगति की पूर्ण जानकारी लेकर परिवादी को तुरंत राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप जनसुनवाई के पश्चात अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग मनोज गुप्ता के निर्देशन में अधिकारियों की समझाइश के पश्चात परिवादी अशोक कुमार को विद्युत निगम के प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित मुआवजा राशि 4 लाख 25 हजार रुपये का चेक सुपुर्द किया गया। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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