गर्मी में पशुओं को हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक से बचाव हेतु रखे इन बातों का विशेष ध्यान।
कोटपूतली-बहरोड़, 16। उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ. हरीश क़ुमार ने बताया कि पशुओं में ग्रीष्म ऋतु में बढ़ा हुआ तापमान अत्यधिक परेशानी पैदा करता है क्योंकि अधिक गर्मी से पशु तापघात का शिकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में वातावरण का तापमान अधिक हो जाता है तो ऐसी स्थिति में पशु को अधिक देर तक धूप में रखने या सीधे गर्म हवा के संपर्क में आने से पशु को लू लग जाती है एवं यदि पशु अधिक देर तक लू के संपर्क में रहता है तो उसे हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक हो जाता है जिससे पशु की उत्पादन क्षमता घट जाती हैं या कभी कभी पशु की मौत भी हो जाती है।
पशुओं में तापघात के लक्षण
1. तीव्र ज्वर की स्थिति.
2. पशु का हांफना यानी मुँह खोलकर श्वास लेना.
3. मुँह से लार गिरना.
4. पशु का बेचैन होना एवं भूख की कमी होना.
5. पानी अधिक पीना एवं पेशाब कम होना या बंध होना.
6. पशु की धड़कन कम होना एवं कभी कभी आफ़रा की शिकायत होना.
तापघात से बचने के उपाय
1. पशुओं को सूर्य की सीधी किरणों से दूर रखे.
2. पशुओं को हवादार छप्पर या छायादार पेड़ों के नीचे रखे.
3. पशुशाला को टंडा रखने के लिए दीवारों पर जूट की टाट लगाकर बार बार ठण्डे पानी से भिगोये ताकि बाहरी की हवा से ठंडक बनी रहे.
4. पंखे एवं कूलर का प्रयोग करे.
5. दिन में लगभग चार बार साफ एवम् शीतल जल पिलाएँ.
6. पशुओं को संतुलित आहार एवं उचि मात्रा में खनिज आहार देवे एवं सुपाच्य एवं उच्च गुणवत्ता का चारा खिलवायें.
7. पशुओं को सुबह जल्दी और शाम को देर से खाना खिलायें.
8. हरे चारे के लिये अजोला घास या अन्य हरा चारा का प्रयोग करे एवं साथ ही आहार में गेहूँ का चोकर या जौ की मात्रा देवे.
9.पशुओं का परिवहन एवं अन्य संचालित गतिविधियां सुबह या शाम को ही करें।
10. यदि किसी पशु की अधिक तबियत ख़राब हो तो अपने निकटतम पशु चिकित्सा संस्था या 1962 कॉल सेंटर पर सूचित करे.
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