"जनहित के लिए महत्वपूर्ण सूचना", बारिश में सावधानी ही है साँप और जहरीले कीटों से बचाव।

वर्षा के दिन आ चुके है अक्सर ऐसी खबरे आए दिन देखने को मिल सकती है की " सांप के काटने से हुई मौत"।


 भारत में लगभग 300 तरह के सांपो की प्रजातियां पाई जाती है जिनमे 20% सांप जहरीले होते है और हमारे पूर्वी राजस्थान के जिलो में कई सांपो की प्रजातियां पाई जाती है लेकिन जहरीले सांप 3 ही होते है काम करते समय सावधानी बरतें और अगर कोई सांप दिखे तो उसे न छेड़ें। खास तौर पर छोटे बच्चों को इसने बचाकर रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उनको पता ही नहीं होता है कि ये कितने खतरनाक हो सकते हैं। इनको घर में घुसने देने से बचाने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। इतना ही नहीं अगर दुर्भाग्यवश के काट भी लें तो आपको पता होना चाहिए कि तुरंत क्या करें और क्या नहीं ? 



" कोबरा और कॉमन करेत शॉ स्केल्ड बाईपर"

 

अक्सर यह होता है की- कभी कभी कम जहरीले सांपों के द्वारा लोगो को काटा जाता है वो झाड़ फूंक के चक्कर में जाते है उनको लगता है यहां आने से उनके प्राण बच जायेंगे और अंधविश्वास फेल जाता है


- कभी कभी ऐसा होता है की जहरीले सांप हमें सिर्फ फुंकार ही लगाते है या फिर काट लेते और पूरी तरह अपने जहर को शरीर के अंदर नही छोड़ पाते है और फिर झाड़ फूंक के चक्कर में आकर हमको लगता है प्राण बच गए।


- असल में सांप को गर्मी ज्यादा पसंद होती है और ये सो रहे इंसान के पास जाकर भी हमला कर देते है और जब ये सांप काटता है तो पता भी नही चल पाता इसीलिए इस सांप को " साइलेंट किलर" के नाम से भी जाना जाता है इसका जहर तेज गति से शरीर में फैलता है इसके काटने के तुरंत बाद अस्पताल जाकर उपचार करवाना चाहिए झाड़ फूंक के चक्कर में आने से इंसान की मौत भी हो सकती है


- किंग कोबरा या कोबरा सांप बहुत कम देखने को मिलते हैं लेकिन इनके अलावा भी साँप की कुछ नस्ल जहरीले होते है इनके काटने से भी मौत हो सकती है मेरा उद्देश्य लोगो को जागरूक करना है की ऐसे जहरीले सांप काटने पर प्राथमिकता अस्पताल जाकर उपचार लेने को दी जानी चाहिए झाड़ फूंक के चक्कर में नही आना चाहिए लोगो को जागरूक होना चाहिए।


सावधानी ही बचाव


सांप-बिच्छू से कैसे करें बचाव ?


मानसून के मौसम में सांप-बिच्छू से बचने के लिए आपको घर के आसपास किसी भी तरह की झाड़ियां, घास नहीं उगने देना चाहिए। पेड़-पौधों की कटिंग करानी चाहिए। इसके साथ ही घर के बाहर या छत पर पत्थरों के ढेर न लगाएं, यहां सांप-बिच्छू के छिपने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। बच्चे को भूलकर भी बारिश के दिनों में नंगे पैर बाहर न जाने दें। उन्हें चप्पल या जूते ही पहनाकर भेजें। घर के आसपास कीटनाशक का इस्तेमाल जरूर करें। जहरीले कीटों को नमी वाली जगह पसंद होती है। इसलिए घर के अंदर या फर्श पर बारिश के दिनों में नमी न होने दें।बरसात का यह समय सर्पदंश के लिहाज से बेहद संवेदनशील होता है. ऐसे में जागरूक रहें, अफवाहों पर न जाएं और सही समय पर इलाज लेकर अनमोल जीवन बचाएं


बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतें. खासकर रात में चलते समय या गार्डन में काम करते समय ध्यान रखें कि आप कहां कदम रख रहे हैं. हमेशा फुल आस्तीन के कपड़े और जूते पहनें ताकि अगर सांप काटने की कोशिश भी करें तो आपका बचाव हो सके. बारिश के मौसम में सांपों से बचाव के लिए थोड़ी सी सतर्कता और कुछ सरल उपाय अपनाने से हम अपने और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं याद रखें, सावधानी ही सुरक्षा है। 

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