किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाएं, बैंकिंग योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक करें- ओ.पी. सहारण
कोटपूतली-बहरोड़, 22 जुलाई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण की अध्यक्षता में मंगलवार को जिले के समस्त बैंकों के जिला समन्वयक अधिकारीयों की वित्तीय समावेशन योजनाओं के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित हो रहे शिविरों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अग्रणी जिला प्रबंधक मोहनलाल मीना व समस्त बैंकों के जिला समन्वयक अधिकारियों को सेंचूरेशन कैंपनिंग में धीमी प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए शाखा पर व ग्राम पंचायतवार आंकड़े एकत्रित करके बैंकों की प्रत्येक शाखाओं ने ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को प्रदान करने के उपरांत पंचायत वार निष्क्रिय खातों को टारगेट करने को कहा. उन्होंने उपखंड अधिकारी, अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों व ग्राम स्तरीय अधिकारियों से समन्वय रखते हुए कार्य बैंकों के कैंप में उपखंड अधिकारी, ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को सहयोग करने को कहा। एडीएम ने सभी पात्र किसानों का फसल बीमा पॉलिसी समय पूर्व करने के निर्देश देते हुए कहा कि फसल बीमा का लाभ किसानों को पहुंचाने हेतु प्राथमिकता से कार्य करें।
उन्होंने कहा कि लक्ष्यानुरूप कार्य करते हुए आमजन तक बैंकिग से संबंधित वित्तीय समावेशन जैसे - पीएमजेडीवाई अकाउंट ओपनिंग और री-केवाईसी इन एग्जिटिंग इनेक्टीव अकाउंट, पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, एपीवाई, फ़सल बीमा इत्यादि योजनाओं की जानकारी विभिन्न माध्यमों से पहुंचाए, योजना की पात्रता, लाभ, उद्देश्य व प्रक्रिया के बारे में जरूरतमंद को सरल भाषा में जानकारी देने हेतु विशेष कार्य योजना बनाकर कार्य करें. उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री एवं सरकार का ध्येय है कि पीएम विश्वकर्मा व पीएम मुद्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म व लघु उद्योगों हेतु जरूरतमंद कामगारों को ऋण व अन्य सहायता उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया जाए जिससे कि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। कामगारों व युवाओं को विभिन्न बैंकिग योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रोत्साहित करें व हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएं।
एलडीएम मोहन लाल ने बताया कि बैंकर्स द्वारा बैंक व शाखावार निष्क्रिय खाता धारकों के नाम व पता सहित सरकारी मशीनरी को सहयोग के लिए अनिवार्य विवरण उपलब्ध करा दिया गया है। धीमी प्रगति के कारण 1 जुलाई से अब तक आयोजित पूर्व वित्तीय समावेशन योजनाओं के शिविरों को पुनः शेष अवधि में पुन: आयोजित करने के बैंकर्स को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बैंकों द्वारा ओ पी टी आउट किसानों की सहमति के बिना पोर्टल पर अपलोड नहीं करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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