जिला कलक्टर ने जिले के समस्त शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के जर्जर मकानों, शासकीय भवनों, विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के सघन सर्वे के दिए निर्देश।

कोटपूतली-बहरोड़ 26 जुलाई । जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समस्त शासकीय भवनों, विद्यालयों, कॉलेजों व आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवन, पटवार भवन एवं जर्जर मकानों का सघन सर्वे कर क्षतिग्रस्त व जीर्ण-शीर्ण भवनो को सुरक्षात्मक कैटेगरी वार चिन्हित करने व उनको तत्काल वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिये हैं।


जिला कलक्टर के द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा के दृष्टिगत मानसून से पूर्व जारी विस्तृत आदेशों के क्रम में जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में जर्जर भवनों का तत्काल पुनः सर्वे प्रारम्भ कर जीर्ण-शीर्ण पाए गए भवनों को वैकल्पिक व्यवस्था करने हेतु उपखंड अधिकारियों, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त, विकास अधिकारियों, अधीक्षण अभियंता पी डब्लयू डी एवं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों एवं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है.


श्रेणीवार किया जा रहा सर्वे


कलेक्टर के निर्देश अनुसार सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक भवन की स्थिति निम्न श्रेणियों में दर्ज की जाएः


श्रेणी A: भवन पूरी तरह सुरक्षित एवं उपयोग योग्य।


श्रेणी B: भवन मरम्मत योग्य एवं उपयोग हेतु सुरक्षित, लेकिन तत्काल कुछ मरम्मत की आवश्यकता।


श्रेणी C: भवन असुरक्षित एवं मरम्मत की आवश्यकता (मरम्मत पूर्ण होने तक

उपयोग न किया जाए)।


श्रेणी D: भवन अत्यंत जर्जर एवं ध्वस्तीकरण हेतु उपयुक्त (तत्काल खाली कर ध्वस्त किया जाए)।


उन्होंने जिले में संचालित सभी विद्यालयों की भवन संरचना की सुरक्षा जांच को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर लेते हुए समस्त विद्यालय परिसरों का गहन सर्वे करवाने के निर्देश दिए। जर्जर, क्षतिग्रस्त अथवा असुरक्षित भवनों को तत्काल प्रभाव से उपयोग के लिए प्रतिबंधित किया जाए।


उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय के कक्षा कक्ष, शौचालय अथवा अन्य किसी भी भवन का भाग जर्जर, क्षतिग्रस्त अथवा खतरनाक अवस्था में पाया जाए तो उसे तुरंत प्रभाव से विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ के उपयोग के लिए वर्जित कर दिया जाए एवं अन्य वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर लेकर तत्काल प्रभाव से सम्पादित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ के समान होगी जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जीर्ण-शीर्ण भवनों से भी परिवारों को शिफ्ट करावे।


उन्होंने कहा कि समस्त अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्वयं विद्यालय परिसरों की भौतिक स्थिति का अवलोकन करना चाहिए। भवनों की जांच केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए़ जमीनी हकीकत के आधार पर गहन सर्वे करवाया जाए। इससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा।उन्होंने निर्देशित किया कि जहां आमजन का आना-जाना ज्यादा रहता है वहां भी इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए।


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