जिला स्तरीय नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एन-कोर्ड) की बैठक आयोजित, अवैध बिक्री, जागरूकता, मॉनिटरिंग पर रहा फोकस, जिला कलेक्टर ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के दिए निर्देश।
कोटपूतली-बहरोड़, 26 अगस्त। नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एन-कोर्ड) की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई भी मौजूद रहे।
जिला कलक्टर ने शराब बिक्री के लिए सरकार के निर्देशों की पालना नहीं करने वालो पर कार्यवाही करने एवं फील्ड में जाकर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश एक्साइज विभाग को देते हुए कहा कि शराब गोदाम से एवं तय समय के पश्चात बिक्री वालों पर दबिश कर सख्त कार्यवाही करने को कहा।
उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ जिले में नशा मुक्ति के लिये समुचित रूप से प्रभावी कार्यवाही करने और नशा मुक्त अभियान में आमजन की सहभागिता और जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी करने और शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यमों से नशे के दुष्प्रभावों व रोकथाम के बारे में जागरूक करने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने समाज कल्याण विभाग,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारी को जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग कर आवश्यक कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
जिला कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स पर पर्याप्त निगरानी रखने, मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने, बिना पर्ची दवा देने, बैन दवाओं के रखने की व नियमित दवा भंडार की जांच व समीक्षा करने के निर्देश दिए. अनियमितता पाये जाने पर मेडिकल स्टोर्स के लाईसेंस निरस्त कर कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा. उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित घटक दवाओं की बिक्री न हो, इसके लिये ड्रग इंस्पेक्टर व चिकित्सा विभाग द्वारा समन्वित टीम बनाकर नियमित रूप से औचक कार्यवाही की जाये।
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक ने सड़क किनारे स्थित ठेकों की नियमानुसार सड़क से दूरी सुनिश्चित करते हुए बिक्री समय की पालना सुनिश्चित कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया और कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए हथकड़ शराब बनाने वालों, हुक्काबार चलाने वालों एवं ई सिगरेट, वीड, ड्रग्स, गांजा एवं नशे की टेबलेट का व्यापार करने वालों पर सख्त कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि आज के युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के लिए इस दिशा में संवेदनशील होकर करना होगा. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिये अब तक हुई कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए कहा कि समस्त एजेंसियां आपसी तालमेल से तस्करी पर रोक लगायें। सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों और इनमें संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। नशीले दवाओं के व्यापार में संलिप्त मेडिकल स्टोर व अन्य दुकानदारों व व्यक्ति पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाये ताकि इनकी बिक्री और उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
एएसपी वैभव शर्मा ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि नशा मुक्त अभियान की सफलता के लिये आमजन की जागरूकता और उनकी सहभागिता आवश्यक है, संबंधित राजस्व, आबकारी, समाज कल्याण, शिक्षा, आयकर एवं पुलिस विभाग सक्रिय होकर कार्य करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी राज,आबकारी अधिकारी प्रभु दयाल,संबंधित राजस्व,आबकारी,समाज कल्याण,शिक्षा,आयकर एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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