कृषि आदान विक्रेताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित।
कोटपूतली-बहरोड़, 11 सितम्बरl कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि द्वारा गुरूवार को कोटपूतली, पावटा एवं विराटनगर में निजी एवं सहकारी समिति कृषि आदान विक्रेताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मोरीजावाली धर्मशाला में आयोजित किया गया। इसमें 78 आदान विक्रेताओं ने हिस्सा लिया।
उपनिदेशक उद्यान लीलाराम जाट ने लाईसेन्स की प्रक्रिया, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल बुक संधारण के बारे में जानकारी दी। संयुक्त निदेशक कृषि (वि.) कार्यालय के सहायक निदेशक कृषि, डॉ. रामजीलाल यादव ने बताया कि आदान विक्रेताओं को निर्धारित दर पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैद्य भण्डारण से दूर रहने के लिए पाबंद किया गया है। साथ ही विक्रेता को मूल्य सूची दुकार पर प्रदर्शित करने तथा फसलवार संतुलित उर्वरक मात्रा का बैनर लगाने के निर्देश दिये गये। डॉ० यादव ने बताया कि उर्वरकों की बिकी शत प्रतिशत पीओएस मशीन से की जावें। डीएपी के विकल्प के रूप में किसानों को एसएसपी एवं एनपीके का उपयोग करने की सलाह देने तथा निर्धारित मात्रा में ही विक्रय करने पर जोर दिया गया। उन्होंने चेताया कि अवैद्य भण्डारण अधिक मूल्य वसूली या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर एफसीओं के तहत कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
प्रशिक्षण शिविर में सहायक निदेशक कृषि (वि०), बहरोड़ से राकेश यादव ने एफसीओ 1985 के नियमों की जानकारी दी तथा किसी प्रकार की टैगिंग नहीं करने की सलाह दी गई। बीज एवं कीटनाशी की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। कृषि अधिकारीयों ने बीज, कीटनाशी एवं उर्वरक के अधिनियमों की जानकारी दी तथा रिकॉर्ड का निर्धारण करना, पीसी के द्वारा बीज, कीटनाशी एवं उर्वरक का विक्रय करना आदि की जानकारी दी गई।
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