कोटपूतली में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने परहर्ष और गौरव के साथ आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम।
कोटपूतली-बहरोड़, 8 नवम्बर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजस्व एवं सैनिक कल्याण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय सिंह चौधरी के मुख्य आतिथ्य में देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर उत्साह व समारोह पूर्वक मनाया गया। राजकीय सरदार उ.मा. विद्यालय कोटपुतली में आयोजित समारोह में कार्यक्रमों की श्रृंखला में बाइक रैली, रन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वदेश संकल्प और वन्दे मातरम का सामूहिक गायन संपन्न हुआ. इस दौरान जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह, विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़, बानसूर विधायक देवीसिंह शेखावत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी एवं विद्यार्थी व आमजन मौजूद रहे।
जिला प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उस भावभूमि को पुनः आत्मसात करने का है, जिसने भारत को परतंत्रता से मुक्ति का मार्ग दिखाया।
इस गीत ने पराधीन भारत में आत्मसम्मान की लौ जलाई
सिंह ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा की पुकार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कलम ने वह चमत्कार किया, जो तलवारें भी नहीं कर सकीं। उन्होंने शब्दों में वह शक्ति भर दी, जिसने पराधीन भारत को आत्मसम्मान की ओर जगाया। जब उन्होंने आनंदमठ में यह गीत रचा, तब शायद उन्हें भी ज्ञात नहीं था कि यह गीत एक युग का घोष बन जाएगा।
इस गीत की रचना 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने की थी, और बाद में इसे उनकी प्रसिद्ध रचना “आनंदमठ” में स्थान दिया गया। 1905 के बंग-भंग आंदोलन से लेकर आज़ादी की लड़ाई तक, “वंदे मातरम्” हर भारतीय के दिल की धड़कन बन गया। जब-जब कोई क्रांतिकारी इस गीत को गाता था, तब-तब अंग्रेजी हुकूमत काँप उठती थी।
उन्होंने कहा कि आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें — कि हम अपने राष्ट्रगीत के संदेश को हर हृदय तक पहुँचाएँगे,
भारत माता की अखंडता, सम्मान और गौरव के लिए सदैव समर्पित रहेंगे,
और हर पल अपने हृदय से यही पुकारेंगे “वंदे मातरम्! वंदे मातरम्!”.
वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति
इस अवसर पर जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह ने कहा कि वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अलौकिक शक्ति है। यह गीत गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाले राष्ट्रभक्तों के लिए आत्मशक्ति का स्रोत बना। यह केवल राजनीतिक उद्घोष नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक संकल्प है जो हमारी सामूहिक चेतना को जाग्रत करता है। इसे पूर्ण रूप में हर एक भारतीय को आत्मसात करना चाहिए.
हमारी चेतना, राष्ट्र की अखंडता और एकता का सूत्र है वन्दे मातरम्
विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ ने कहा कि आज का भारत विश्व में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वन्दे मातरम् हमें यह स्मरण कराता है कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए। आज इस ऐतिहासिक दिवस पर हम सभी को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए प्रण और प्राण से जुट जाना चाहिए।
हर भारतीय के तन-मन में वन्दे मातरम् का वास
बानसूर विधायक देवीसिंह शेखावत ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल इतिहास नहीं, हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अंग है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस गीत के हर शब्द का अर्थ समझें, उसकी भावनाओं को आत्मसात करें और राष्ट्रप्रेम की उस भावना को निरंतर जीवित रखें।
स्वतंत्रता सैनानियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी स्व. सिपाही जसवंत सिंह के पौत्र योगेन्द्र चौहान, सिपाही स्व. रघुवीर सिंह के पौत्र धर्मवीर यादव, सिपाही स्व. देवकरन के पुत्र महेंद्र सैनी का साफा, शॉल और उपहार भेंट कर अतिथियों ने सम्मान किया।
रैली में वन्दे मातरम उद्घोष के साथ दिया एकता का संदेश
समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने सरदार स्कूल से बाइक रैली और रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया साथ ही गुब्बारे हवा में उड़ाकर वन्दे मातरम का उद्घोष किया. रैली स्कूल से पुतली कट से होते हुए वापस सरदार स्कूल पर ही संपन्न हुई।
कार्यक्रम में देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हुआ आयोजन
इस दौरान सभागार में देशभक्ति पुर्णं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जिनमें मानव स्थली विद्यालय, शिव सरस्वती विद्यालय, ग्रीन वेली विद्यालय, सरदार विद्यालय, एबीपीएस विद्यालय, हंस इंटरनेशनल स्कूल, रा उ मा विद्यालय बड़ाबास और अमाई ने नृत्य और गायन प्रस्तुत वातावरण को देशभक्ति के रंग से सरोबार कर दिया। रा उ मा विद्यालय कोटपुतली की बालिकाओं ने सामूहिक वन्दे मातरम गायन में अपने सुरों से समा बांध दिया, इस दौरान पूर्ण वन्दे मातरम का गायन किया गया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन और स्वदेश का संकल्प
कार्यक्रम में अतिथियों एवं गणमान्यों ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा वन्दे मातरम थीम पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में 29 चित्रों के माध्यम से वन्दे मातरम् के इतिहास, उसके सृजन और प्रभाव को दर्शाया गया। इसमें राष्ट्रनायकों और विचारकों के उद्धरणों ने इस गीत की अमरता को और गहराई दी।
इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने स्वदेश अपनाते हुए आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि दैनिक जीवन में यथासंभव भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपना सहयोग देंगे। साथ ही दूसरों को भी स्वदेशी अपनाने हेतु प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर नगर परिषद सभापति पुष्पा सैनी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों में वन्दे मातरम के जिला संयोजक जयराम गुर्जर, सुरेश सैनी, सत्यवीर यादव, सुरेन्द्र चौधरी, गोपाल, सीमा सैनी, मीरा मीणा सहित जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी, जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, ए एस पी वैभव शर्मा, एसडीएम रामवतार मीणा, आयुक्त नगर परिषद नूर मोहम्मद सहित अधिकारी एवं शिक्षाविद्, विद्यार्थी, युवा और आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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