जिला मुख्यालय पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की, राज्य स्तरीय कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण, मुख्यमंत्री ने जिले की मेधावी छात्रा का किया सम्मान।
कोटपूतली-बहरोड़, 14 अप्रैल। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बुधवार को कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण की उपस्थिति में अधिकारियों एवं कार्मिकों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों एवं देश निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किया जिले की मेधावी छात्रा का सम्मान
इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार से जिला राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के छात्रावासों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही विभाग की सामाजिक सुरक्षा योजना और पालनहार योजना के तहत राशि का सीधे लाभार्थियों के खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया, जिसमे कोटपूतली-बहरोड़ के राजनौता की मेधावी छात्रा दिव्या मीणा को 12वीं कक्षा (विज्ञान संकाय) में अनुसूचित जन जाति वर्ग में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने के फलस्वरूप राज्य स्तरीय अम्बेडकर शिक्षा पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया जिसके तहत प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
जिला कलेक्टर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज के भारत में सामाजिक समानता, संवैधानिक नैतिकता, और समावेशी विकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनके समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांत जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करने, महिला सशक्तिकरण, श्रमिक अधिकारों और लोकतंत्र की मजबूती के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डॉ. भीम राव अंबेडकर ने लोकतंत्र को केवल शासन का रूप नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका माना था। उन्होंने "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो" का नारा देकर शोषितों में आत्मविश्वास और आत्म-गौरव जगाया।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कहा कि डॉ. भीम राव अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे। आत्म-विकास और तार्किक सोच के लिए शिक्षा अनिवार्य है।
इस दौरान एसडीएम कोटपूतली जगदीश प्रसाद, आयुक्त नगर परिषद अरुण शर्मा, जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी विपिन, एस ई पीएच ई डी रामनिवास यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद मीणा, उप निदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी सुनील मीणा, एम ई खनन अमीचंद दुहारिया, वन विभाग से सतपाल ढिलान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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